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कैंसर रोग नियंत्रण के लिए चिकित्सकों को ऑनलाइन ट्यूटोरियल

टाटा मेमोरियल और आमनिक्यूरिस हेल्थ-केयर देंगे कॉमन कैंसर के लिए प्रशिक्षण
शासकीय जिला चिकित्सालयों में है नि:शुल्क कीमोथैरेपी की सुविधा
 

भोपाल : गुरूवार, अक्टूबर 12, 2017, 18:34 IST
 

कैंसर पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 51 जिलों में पदस्थ कीमोथैरेपी चिकित्सकों, शल्य चिकित्सकों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और फिजीशियन को विभिन्न प्रकार के कैंसर एवं उनके मैनेजमेंट के बारे में प्रशिक्षित करने जल्दी ही ऑनलाइन ओंकोलॉजी ट्यूटोरियल शुरू किया जाएगा। टाटा मेमोरियल सेंटर मुम्बई और आमनिक्यूरिस हेल्थ-केयर प्रा.लि. कर्नाटक द्वारा प्रदेश के चिकित्सकों और विशेषज्ञों के लिये कॉमन कैंसर-ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल संबंधी ऑनलाइन ट्यूटोरियल और डिजिटल सीएमई प्रारंभ करेंगे। आमनिक्यूरिस और मध्यप्रदेश शासन के मध्य दो वर्ष के लिए एमओयू भी हस्ताक्षरित किया जा चुका है।

प्रत्येक गुरुवार को शाम 4 से 5 बजे तक प्रदेश के सभी जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को कैंसर कीमोथैरेपी चिकित्सक, नामांकित गायनकोलॉजिस्ट और सर्जिकल स्पेशलिस्ट को ई-मेल के माध्यम से कैंसर की प्रारंभिक अवस्था एवं उनके प्रबंधन की जानकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग से दी जाएगी। बेसिक कोर्स के लिए 12 मॉड्यूल और एडवांस कोर्स के लिए 28 मॉड्यूल्स का डिजिटल कोर्स तैयार किया गया है।

प्रदेश के शासकीय जिला चिकित्सालयों में नि:शुल्क कीमोथैरेपी की सुविधा है। प्रत्येक जिले में एक-एक चिकित्सक/विशेषज्ञ एवं दो-दो स्टॉफ नर्स को कैंसर कीमोथैरेपी उपचार प्रशिक्षण दिया गया है। अब तक करीब 18 हजार रोगी अपना पंजीयन करा चुके हैं और 4040 मरीजों को कीमोथैरेपी दी जा रही है।

भारत में मृत्यु के 10 प्रमुख कारण में एक कैंसर भी है। विश्व में हर साल 5 लाख लोगों की मृत्यु कैंसर से होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भविष्य में भारत में कैंसर से होने वाली मृत्यु में 7 लाख की वृद्धि होना संभावित है। कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की जानकारी नहीं होने से रोग की पहचान एडवांस स्टेज पर होती है, जिससे मरीज का अधिक पैसा व्यय होता है। कैंसर की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो तो खर्च एवं मरीज दोनों को बचाया जा सकता है। फिजीशियन, गायनकोलॉजिस्ट एवं दंत चिकित्सकों को इसलिये ऑनलाइन ट्यूटोरियल दिया जा रहा है, क्योंकि प्रारंभिक अवस्था में संभावित मरीज इनके सम्पर्क में आते हैं। इस पहल से कैंसर को प्रारंभिक अवस्था में ही पूर्णरूपेण ठीक किया जा सकेगा।

सुनीता दुबे